भगवान परेशान हैं…

भगवान इन दिनों Tension में हैं, परेशान है, उनका सर दर्द से फटा जा रहा है…कारण है, इंसान। वो पिछले सैकड़ों सालों से इंसान से दूर रहने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बड़ी चतुराई से अपने घर, ऊंचे पहाड़ों पर, खाईयों में, पानी के बीच में, हिमालय पर, बड़ी ऊटपटांग जगहों पर बनाया, ताकि इंसान जब चाहे मुंह उठाए उनके पास न चला आए, लेकिन इंसान बेशरम है, गाते गाते पहाड़ों पर चढ़ जाता है, कि “चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है…”। घर में मां बुलाते बुलाते थक जाती है, 5 मिनिट भी उनके पास बैठकर प्यार से बातें नहीं करता, लेकिन मां शेरांवाली के यहां पहाड़ों पर भी चला जाता है, क्योंकि वो शेरांवाली है, और जिसके पास शेर हो, उससे तो डर लगता ही है।

अभी मेरी नींद लगी ही थी, कि देखा तो 3 – 4 भगवान मेरे सपने में परेशान से घूम रहे हैं… मैंने सत्यनारायण भगवान को पकड़ा और Walk the talk करना शुरू कर दिया। मैंने कहा – “भगवन “ये क्या, कलावती ने प्रसाद नहीं खाया, तो आपने उसके पति की नाव डुबा दी…? व्यापारी ने अपने सामान के Details नहीं बताए, तो आपने उसके कीमती सामान को, घासफूस में बदल दिया…? इतनी छोटी छोटी बातों पर इतना बड़ा Reaction तो Raja Choudhry और Rahul Mahajan भी नहीं करते?” सत्यनारायण जी एकदम भड़क गए… वो बोले – “ये हमारे खिलाफ इंसान की साजिश है… आम जनता में हमारी गलत छवि पेश की जा रही है, हमें गुंडों की तरह गुस्से वाला, और बात बात पर श्राप देने वाला बताया जा रहा है…हम Upperworld के लोग हैं, Underworld के नहीं…””

सामने गणेश जी दिख गए…गणेश जी को चिंतामणि कहा जाता है, लेकिन आज वो खुद चिंतित दिख रहे थे…मैंने कहा – “हे सिध्दि विनायक, आप तो दूसरों के संकट दूर करते हैं, लेकिन आप Tension में दिख रहे हैं।” वो गुस्से में बोले – “तुम इंसानों के कारनामे का फल भुगत रहा हूं…इससे पहले मुझे कहीं जाना होता था, मेरा चूहा आधा घंटा पहले मेरा इतज़ार करता था, लेकिन तुम लोगों ने उसे इतना सर चढ़ा दिया, कि आज मुझे उसका इंतज़ार करना पड़ता है, मुझसे ज्यादा वो Busy रहने लगा।” मैंने कहा – “नहीं Sir हमारे लिए तो आप ही है।” वो बोले – “नहीं, तुम लोगों ने अपनी गंदी आदत हमारी दुनिया में भी लगा दी, जब तुम्हें किसी अफसर से काम कराना होता है, तो तुम उसके Secretary को पटाते हो…ठीक वैसे ही तुम लोगों ने अब चूहे के कान में अपना काम कहना शुरू कर दिया। तुम्हें क्या लगा, कि indirect आओगे तो काम हो जाएगा…? काम करना किसे है? सुनता कौन है? किसके कान बड़े हैं, मेरे या चूहे के…?”

वाकई देश के जितने भी High Profile भगवान हैं, सबकी नींदें उड़ी हुई हैं…क्योंकि उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था, कि इंसान चालाकी से उन्हें भी Partner In crime बना लेगा। लोगों ने जम के बेईमानी की, और जब उसे लगा कि ऊपर जाकर इसका हिसाब देना पड़ेगा, तो उसने अपनी बेईमानी का कुछ हिस्सा भगवान की हुंड़ी में भी डालना शुरू कर दिया…अब कर लो बात…मज़ाल है कि यमराज कोई आरोप लगाकर नरक की धमकी दे सकें…सीधा सा हिसाब है, करोड़ों रूपयों की रिश्वत का, लाखों रूपया विष्णु मंदिर की हुंडी में भी गया है, अब जब विष्णु के सर पर ही बेईमानी का मुकुट हो, तो भला यमराज की क्या औकात…

भगवानों की Health पर भी बहुत असर पड़ रहा है…उन्हें एक मिनिट भी आराम नहीं मिल पा रहा है, चौबीसों घंटे लोग Line लगाकर उनके दरवाजे खड़े रहते हैं। एक पर कृपा करके उसे टरकाओ, तो वो दुगने उत्साह के साथ दस को और साथ लेकर आता है…कि फलां भगवान तो सबकी सुनते हैं…

भगवान को अब इंसान से डर लगने लगा है, क्योंकि वो जानते हैं, कि इंसान की आदत है, हर चीज़ को अपने वश में करके, अपने इशारे पर नचाने की। आज की date में हाथी, शेर, चीता, भालू, सब उसके इशारे पर नाचते हैं, भगवान अभी तक वश में नहीं थे..लेकिन धीरे धीरे Indirectly भगवान भी उसके इशारे पर नाचने लगे हैं… किसी यज्ञ के एवज में उन्हें भी Result दिखाने पड़ते हैं, कुंभ में स्नान करने पर, उन्हें भी न चाहते हुए पापियों के पाप धोने पड़ते हैं। 16 सोमवार का ब्रत करने वाली बेकार लड़की को भी अच्छा Husband दिलवाना ही पड़ता है।

अब भगवानों का Blood Pressure और भी High हो रहा है। कई भगवान तो इंसानों की बढ़ती ताकत देखकर, Depression में चले गए हैं…। उन्होंने सुना है, कि कुछ इंसान भगवान बनने की कोशिश में लगे हैं…लालू चालीसा, मायाबती महिमा जैसी किताबें छपने लगी हैं…शहरों में भगवानों से बड़ी इंसानों की मूर्तियां लगने लगी हैं, और भगवान को तो चढ़ावे की थाली में दस पांच रूपये ही आते हैं, लेकिन कई इंसानों को तो चढ़ावे में नाटों की मालाएं मिलने लगी हैं…

आज के इंसान के कहर से हमारे इन बेचारे भगवानों को तो भगवान ही बचाए…

R D Tailang

Mumbai

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