2000 में Television पर MTV और Channel [V] ही छाया हुआ था।  Sony Tv पर Movers and Shakers कार्यक्रम सफलता पर था… वहीं फिल्मों की हालत बहुत खराब थी।  दर्शकों ने Theaters की ओर जाना ही छोड़ दिया था… फिल्मों के बड़े बड़े सितारे, Zee Tv के Serials में दिखाई दे रहे थे… ऐसे में हिंदी फिल्मों के महानायक Amitabh Bachchan भी एक बहुत ही बुरे दौर से गुज़र रहे थे… ABCL की असफलता ने उन्हें आर्थिक रूप से झकझोर कर रख दिया था… तो दूसरी ओर अपनी आर्थिक परेशानियों को दूर करने की कोशिश में, उन्होंने Lal Badshah, Mratyudata Kohram Suryavansham जैसी फिल्में कीं,  इससे उनकी महानायक वाली Image भी डगमगाने लगी थी… ऊपर से Income Tax और Bank Loan न चुका पाने के Notices की खबरें दर्शक चटख़ारे लेकर पढ़ रहे थे।

ये सारा माहौल Movers and Shakers जैसे Stand up comedy के Programme के लिए मानो बहुत ही मसालेदार चारा था… हंसी उड़ाने के लिए, लेखक को और क्या चाहिए… मैं उन दिनों यही Show लिख रहा था.. Shekhar Suman अपने चरम पर थे… हम जो लिखते थे, वो उसे और भी बेहतर बनाकर पर्दे पर ऐसे पेश करते थे, कि दर्शक सुनकर हंस पड़ता था, और जिस पर Punch बनाया जाता था, वो शायद तिलमिला कर रह जाता होगा… लेकिन हमने कभी मर्यादा पार नहीं की… हमने भले ही व्यक्ति के काम की, व्यक्ति की हंसी उड़ाई हो, लेकिन, उसके हालातों पर हम कभी नहीं हंसे… मगर हम एक बहुत ही सफल Show लिख रहे थे, और इस बात का हमें गुरूर था…

 

ऐसे में एक दिन दोपहर में खाना खाते समय… STAR TV पर एक AD आया… जिसमें बस दो कुर्सियां और उसमें एक कुर्सी पर Amitabh Bachchan बैठे थे … और दूसरी कुर्सी खाली…  अंधेरा सा Set और Amitabh दर्शकों की आंखों में आंखे डालकर कह रहे थे – “मैं यहां, आप वहां… हमारे बीच में 15 सवाल… और आप जीत सकते हैं… एक शून्य शून्य शून्य शून्य शून्य शून्य शून्य… यानि एक करोड़ रूपये… कौन बनेगा करोड़पति”…  ये देखकर पूरा देश दंग रह गया… और खाना खाते खाते मैं भी…

पहली बार बड़े पर्दे का महानायक… छोटे पर्दे पर बैठा था… पहली बार एक करोड़ रूपये … का ईनाम सुना गया… वर्ना उन दिनों Quiz show में आमतौर पर पहला ईनाम 10 हज़ार रूपये का होता था… और Bumper ईनाम Maruti 800 Car होती थी… लेकिन यहां Amitabh Bachchan एक करोड़ रूपये देने की बात कर रहे थे… वो भी शुद्ध् हिंदी में… वर्ना MTV और Channel [V] की Hinglish में कौन शून्य जैसे शब्द का प्रयोग करता … ये सब देखकर अच्छा लगा… पहले ही Promo में बात जम गई…

न जाने क्यों लेखक के तौर पर, मन में ऐसा लगा कि ये मेरे पास लिखने को क्यों नहीं आया… आखिरकार मैं भी तो लेखक ही हूं और Television में एक सफल Show लिख रहा हूं… फिर मैंने अपने मन को समझा लिया… इतना बड़ा Show है, 1 करोड़ रूपये हैं, Amitabh Bachchan हैं, तो शायद बड़े बड़े लोग ही इसमें होंगे… शायद फिल्मों का कोई बड़ा लेखक ही इसको लिखेगा… मन खुद ही मचला, और खुद ही समझ गया…

शायद एक दो दिन निकल गए… Movers and Shakers की Meeting थी… रास्ते में अपने एक दोस्त Syed Riyaz से मिलना था, Andheri Station पर… उनका इंतज़ार कर ही रहा था, कि मेरे Mobile पर एक Phone आया… उन दिनों Incoming call के भी पैसे लगते थे, इसलिए हम लोगों की कोशिश होती थी, कि Phone पर तुरंत बात की जाए… या फिर Number देखकर, किसी PCO से एक रूपया का सिक्का डालकर Phone कर लिया जाए… लेकिन मेरी एक पुरानी दोस्त का Phone था… इसलिए मैंने उठा लिया… उसने कहा एक बहुत ही Urgent काम है… जल्दी से एक जगह पहुंचो वहां पर एक Company का Office है जिसका नाम है Synergy Communications.

Syed Riyaz मेरे दोस्त तब तक Station पर आ चुके थे, मैं उन्हे ही लेकर, बताए पते पर पहुंच गया… अपनी दोस्त से मिला… एक छोटे से Hall में दो तीन Plastic की कुर्सियां, और 4-5 computer पर बैठै कुछ अनजाने चेहरे… मन देखकर ही खट्टा हो गया… सोचा कि कोई नई Company है, जिसमें मेरी दोस्त काम कर रही है, और दोस्ती के नाम पर Free में या कम पैसों में कुछ Concept लिखवाना चाहती है… उसने उसी वक्त उस company के Director Siddhatrha Basu से मिलवाया… Sidhartha को हम दूरदर्शन के Quiz time से देखते चले आ रहे थे… मैं अच्छी तरह से उन्हें पहचानता था… Sidhartha ने मुस्कुराते हुए हमारा स्वागत किया – और हमसे पूछा, कि कौन बनेगा करोड़पति के बारे में जानते हो… मैंने कहा कि बिल्कुल, उसके तो Promo देखकर ही हम खुश हो गए… । वो बोले कि हम लोग वो बना रहे हैं… और हमें उस Show के लिए, young और Fresh Writers चाहिए…

उनका ये कहना था, कि हमें उनका खंडहर जैसा Office महल नज़र आने लगा, Plastic की कुर्सियां गुदगुदे सोफे नज़र आने लगे… Siddhartha ने पूछा, बताओ, एक से सौ तक की गिनती में, 5 कितनी बार आता है… हम चकरा गए… कुछ दिलचस्प बातों के बाद ये तय हुआ कि उन्हें लेखक की ज़रूरत है, लेकिन लिखेगा वही, जिसे Amitabh Bachchan Final करेंगे… वो बोले हम बहुत से Writers को Try कर रहे हैं… आप भी कुछ हमें लिख कर दो… हमने कहा ठीक है… उन्होंने Show का Format समझाया… फिर अचानक बोले, तुम लोग ऐसा क्यों नहीं करते… हर शाम को हम Amitabh Bachchan के साथ Star Plus के Basement में Practice करते हैं… तुम लोग वहीं आ जाओ… तो Show की Rehearsals भी देख लेना और Format भी समझ लेना…

मैं और मेरा दोस्त Riyaz शाम को ठीक समय से पहले Star Plus के Basement में पहुंच गए… हमें बताया गया… कि बच्चन साहब को पसंद नहीं है, कि इस वक्त बाहर का कोई आदमी वहां आए, इसलिए हमसे कहा गया कि अगर हमसे पूछा जाए, तो हम कह दें, कि हम तो Sample Player हैं, जो Practice के लिए बुलाए गए हैं…

Hall में एकदम शांति थी, सबको Amitabh Bachchan के आने का इंतज़ार था… वैसे ही जैसे जंगल में जब शेर आता है, तो उसके पहले आने की सनसनाहट जंगल के पेड़ों, पत्तों और जानवरों के बीच फैल जाती है… तब पहली बार एहसास हुआ कि Amitabh Bachchan की शख्सियत क्या है… वो आए नहीं थे, लेकिन धड़कने अभी से बढ़ गई थीं… तभी Siddhartha Basu को Phone पर सूचना मिली कि वो दरवाज़े पर आ गए हैं, वो उन्हें लेने Main Door तक गए… और हमारी सांसे जैसे अटक गई हों… Movers and Shakers में एक से एक बड़े बड़े Guest आए, लेकिन ऐसा अनुभव कभी नहीं हुआ… आखिर Amitabh Bahchan में ऐसा क्या है, कि धड़कनें उनके आने से पहले ही बढ़ रही थी…

जल्द ही, Amitabh से पहली मुलाकात… मिलते हैं… शायद कल ही…

 

R D Tailang

Mumbai

 

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