Star Plus के Basement में बने Hall में हम सांसे थामे बैठे थे… कि अचानक, Amitabh Bachchan हवा के झौंके की तरह, Hall में दाखिल हुए… और सीधे आकर अपनी कुर्सी पर बैठ गए… Sports track suit उन्होंने पहना हुआ था, और सर पर Cap… देखने में Actor कम और खिलाड़ी ज्यादा लग रहे थे… आसपास के लोगों ने खुसुर फुसर करके हमें बताया कि बच्चन साब, सीधे Gym से यहां आते हैं… वो कौन बनेगा करोड़पति के लिए पूरी तैयारी कर रहे हैं…

 

Amitabh Bachchan ने कुर्सी पर बैठते ही एक नज़र पूरे Hall पर डाली… बाकी चेहरे तो उन्हें पहचाने लगे… सिर्फ मैं और मेरा दोस्त ही अजनबी थे… उन नज़र एक पल के लिए हम लोगों पर ठहरी… पर हम लोगों में ऐसी कोई बात नहीं थी, कि हमें एक पल से और ज्यादा समय के लिए देखा जाता… खैर ख़ेल की शुरूआत हुई, हमने देखा… कि Bachchan जी ने ठीकठाक ढंग से… उस दिन का खेल समाप्त किया… Music Cues कुछ आगे पीछे हुए… थोड़े से नियम पढ़े गए… जो कि सामने TelePrompTer पर चल रहे थे। इसकी अच्छी बात हमें ये लगी, कि इस Show में देवनागिरी का ही उपयोग किया जा रहा था, वर्ना TV और फिल्म जगत में, Roman अंग्रेजी में, हिंदी लिखी जाती है…

 

मेरे दोस्त Syed riyaz ने बचपन से एक अनोखी जिद पाल रखी थी… कि जीवन में कभी Amitabh Bachchan से मिलने का अवसर आया, तो मैं तभी मिलूंगा, जब कोई उनका बाकायदा परिचय कराए… और Amitabh इत्मिनान से उससे हाथ मिलाएं… ये बात उसने मुझसे पहले ही कही थी… और मैने कई बार इसे हंसी में उड़ा दिया था…  कि Amitabh Bachchan के Autograph लेने में भी, भीड़ को चीरना पड़ता है, और ये जनाब… हाथ, वो भी इत्मिनान से मिलाने के सपने देख रहे थे…

 

ख़ैर हम चुपचाप बैठे रहे, ख़ेल खत्म हुआ… Siddhartha Basu बताने लगे, कि आज की Rehearsals में क्या ठीक रहा, किस Point पर ध्यान देना ज़रूरी है, वगैरह वगैरह… Amitabh ji एक Student की तरह, सब सुनते रहे… न जाने Siddhartha को क्या सूझी… उन्होंने Amitabh ji से कहा… Sir, एक Writer जो TV में काफी लिख रहा है, और मैंने इन्हें यहां बुलाया है, और इनसे भी लिखने को कहा है… ये सुनते ही, हम अपनी अपनी कुर्सियों से उठे और नमस्कार करते हुए… Amitabh Bachchan के सामने खड़े हो गए… Sidhartha ने पहले मेरा परिचय कराया.. Amitabh ने कहा… “नमस्कार मैं अमिताभ बच्चन…”  एक महानायक के मुंह से खुद का परिचय सुनकर, बदन में सनसनी दौड़ गई… जिसके लिए, हम  कितने Cinema Halls की Lines धक्के खाते रहे…  उनकी नकल करने की कोशिश करते रहे, जिसे देख पाना ही अपने आप में ही शायद, बहुत बड़ी उपलब्धि थी, वही शख्स, मुझ से हाथ मिलाते हुए… अपना परिचय दे रहा था…  फिर Syed Riyaz का परिचय हुआ… इस बार मुझे खुशी ज्यादा हुई… क्योंकि Syed ने जो सपना देखा था, वो सच हो गया था, Amitabh उनसे Hand Shake कर रहे थे…

 

Amitabh ji ने बड़े ध्यान से हमारा परिचय सुना… जिसमें कहा गया था, कि ये लोग इस समय बहुत ही Popular Show लिख रहे हैं… जिसका नाम है Movers and Shakers… सुनते ही Amitabh ji की आंखों में चमक आ गई… वो मेरी आंखों में आंखे डालते हुए बोले, अच्छा वही Show जो मेरे और मेरे परिवार के बारे में अक्सर मज़ाक बनाता रहता है… Amitabh ने अचानक गोली दागी थी, बचाव का कोई रास्ता नहीं था… सिवाय खिसियानी हंसी के… मैंने कहा नहीं Sir… इस Show में चार पांच Writers हैं… शायद उन्होंने लिखा होगा, लेकिन मैंने कभी नहीं लिखा… Comment मज़ाकिया लहजे में किया था, इसलिए बात भी मज़ाकिया लहज़े में ही निकल गई… और ये तय हुआ कि कल मैं कुछ लिखकर लाऊंगा, अगर पसंद आया तो, KBC Team में शामिल कर लिया जाऊंगा… मैंने मन में सोचा, कि अब Movers and Shakers वाली बात, आ ही गई है, इसलिए, मैं कुछ भी लिखूं, यहां अपनी दाल नहीं गलने वाली… ख़ैर Amitabh ji जिस तेज़ी से अंदर घुसे थे, उसी तेज़ी से, बाहर निकल गए…

जिस लेखक ने Amitabh की Rehearsals के लिए लिखा था, उनकी भाषा पर पकड़ बहुत अच्छी थी, लेकिन उनकी भाषा TV की भाषा नहीं थी, उसमें किताबी Lines ज्यादा थीं, वो सरकारी विज्ञप्ति की भाषा मालूम होती थी… बाद में पता चला कि वो लिखने वाले, दिल्ली के बहुत ही जाने माने पत्रकार हैं… इसलिए शायद TV की भाषा पर भले उनकी पकड़ न हो, लेकिन योग्यता में वो मुझसे कहीं ज्यादा सक्षम थे… जबकि में पिछले दो तीन सालों से TV लिख रहा था, इसलिए इस मामले में अनुभव मेरा ज्यादा था… और उसी अनुभव के आधार पर, मैंने चार पांच Sample Draft तैयार कर लिए, और उसी निर्धारित समय पर Rehearsals Hall पहुंच गया… एक दो लेखक और भी पहुंचे थे, अपनी अपनी Scripts के साथ। हम सब चुपचाप बैठ गए… उसी तरह से Amit जी आए… आज वो थोड़ा Late थे, उन्होंने आते ही माफी मांगी, कहा साकीनाका इलाके का Traffic बहुत ही बेकार हो जाता है, शाम के समय…

 

Rehearsal हुई… धड़कन थी, कि इतनी तेज़, जैसे दस मील दूर दौड़ कर आया हू…  क्योंकि अब जो मैंने लिखा था, उसे हिंदी फिल्मों का महानायक या तो पढ़ने वाला था… या फिर मुझसे सुनने वाला था… Amitabh Bachchan के सामने अपनी Lines पढ़ना, वो भी पहली बार… पैर थे कि अभी से कांपने शुरू हो गए थे…  Sidhartha ने मन में ही तय कर लिया था, कि आज सिर्फ 2 Writers की ही Script पढ़ने को देंगे… जिनमें एक मैं था… और उनमें मेरा पहला ही Number था… जैसे ही Rehearsals खत्म हुई… Sidhartha ने मुझे बुलाया और कहा Sir … RD कुछ लेकर आया है… (TV की दुनिया में मुझे लोग RD ही बुलाते हैं) मैंने पढ़ कर सुनाने के लिए पन्ना अपने सामने किया… लेकिन बच्चन जी ने इशारा किया कि वो खुद ही पढ़ेंगे… एक तरफ खुशी हुई कि अपनी लड़खड़ाती ज़बान में पढ़ने से बच गया… लेकिन दूसरी तरफ ये भी घबराहट होने लगी… कि अपनी LInes Amitabh Bachchan के मुंह से कैसी लगेगी… और Amit Ji ने अपनी आवाज़ में KBC के बारे में मेरे लिखे पहले विचार पढ़े…

” welcome, Good Evening & नमस्कार!! क्या आपने कभी सोचा है, कि अगर आप 20 हज़ार रूपये महीने के हिसाब से कमाएं, तो आपको एक करोड़ रूपये कमाने में कितना वक्त लगेगा? दस साल, बीस साल, या फिर तीस साल… जी नहीं, करीब करीब 50 साल यानि आधी शताब्दि… और अगर मैं ये वक्त, 50 साल से घटाकर 50 मिनिट कर दूं तो? आप सोच रहे होंगे कि ये कोई जादू है या चमत्कार..?  जी नहीं, ये और कुछ भी नहीं, बल्कि दुनिया का सबसे बड़ा Show है – कौन बनेगा करोड़पति””

पढ़कर Amitabh जी ने, कोई बहुत ज्यादा खुशी तो ज़ाहिर नहीं की… बस उन्होंने यही कहा, कि अच्छा है…। लेकिन दूसरे लोगों ने मुझे बताया कि ये Lines एकदम सही बैठती थी, इनसे पता चलता था, कि एक आदमी के लिए एक करोड़ कितनी दूर है… और इस Show के ज़रिए, कितनी पास… इस तरह के विचार से एक आम आदमी का Show से जुड़ाव तुरंत हो जाता था… उन्ही लोगों ने मुझे ये भी बताया कि, Amit Ji ने, इतना कहा, यानि उन्हें पसंद आया था… क्योंकि अब तक कि बाकी Scripts पढ़कर, उन्होंने कोई प्रतिक्रिया ही नहीं दी थी…

 

उसके बाद, पैसों की और Contract संबंधी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई… और जो चार पांच Writers को लेने की बात चल रही थी, मुझे पता चला… कि ये Show मैं ही लिखूंगा, क्योंकि Amit Ji मेरी Style से Comfortable हैं…

 

Set अब तक तैयार हो चुका था… उसे देखकर कार्यक्रम की विशालता का पता चला… अब मैं आपको बताऊंगा, कि set पर क्या क्या घटनाएं हुईं… और इस दौरान मुझे जिंदगी की कौन कौन सी सीखें जाने अनजाने में, Amitabh Bachchan मुझे सिखाते चले गए…

 

जल्द ही मिलूंगा, शायद कल ही…

 

 

RD Tailang

Mumbai

 

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