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बवासीर का दर्द कैसा होता है, मुझे नहीं मालूम, क्योंकि मुझे कभी नहीं हुआ.. लेकिन शायद कुछ वैसा ही होगा, जैसा की फिल्मी हस्तियों को Bollywood शब्द सुनकर होता है। कहते हैं, कि Bollywood मत कहो.. ये एकदम वैसा ही Reaction है, जैसे कि एक Serial “हम पांच” में एक अधेड़ महिला, Aunty कहने पर शिकायत करती थी, कि Aunty मत कहो.. उसी तरह से आजकल बड़े बड़े Super Stars, Directors, Writers कहते हैं, Bollywoo मत कहो। 

 

वैसे Bollywood शब्द न कहने देने के पीछे इनकी बहुत अच्छी सोच है। इन Anti Bollywood वाले लोगों का मानना है, कि ये शब्द ऐसा लगता है, कि जैसे हमने Hollywood से Copy कर लिया हो…। ह ह ह हंसी तो इतनी आ रही है, कि Blog में से हंसी की आवाज़ आने लगे.. ये तो गांव के ज़मीदार ठाकुर वाली बात हो गई, कि उसे नीची जाति की गांव की जवान लड़की के साथ हमबिस्तर होने में, उसका बलात्कार करने में परहेज नहीं है, लेकिन उसे अपने कुंए से पानी नहीं भरने देगा..

 

इन्हें Hollywood की Copy Bollywood से परहेज है, लेकिनHollywoodकी पूरी कहानी, उनके Heros के Look, उनकी DVD और यहां तक कि उसके Posters की Copy करने में कोई परहेज नहीं है।

इन्हें Bollywood सुनने में दर्द होता है, लेकिन हिंदी में बात करने में गर्व नहीं होता। इन्हें हिंदी फिल्म जगत कहना पसंद है..लेकिन हिंदी की Script, English में पढ़ना अच्छा लगता है। जो Bollywood इन्हें Hollywood की Copy नज़र आता है, उसीHollywoodके लिए एक Extra बनने में ये जान लगा देते हें।

 

मैंने एक Bollywood विरोधी को पकड़ा और पूछा कि आखिरी क्या बात है, Bollywood में ऐसी कौन सी मिर्ची लगी है, जो सुनते ही जलन होने लगती है..। उनके श्रीमुख से जो शब्द निकले वो शायद आसाराम बापू या रामदेव भी बताने में असमर्थ रहते..। वे कहते हैं  “इस देश की एक महान संस्कृति रही है, कि जिसका खाओ, उसी की बजाओ..। इस नीति से बहुत भला होता है। एक तो खिलाने वाले का एहसान नहीं चढ़ता, चढ़ेगा भी कैसे, जिसने खाना खिलाया, अगर उसी के खाने की बुराई कर दी जाए, तो खिलाने वाला “नमक का कर्ज़” जताने की बजाए, Backfoot पे चला जाता है, उसे लगता है, कि उसने गंदा खाना खिला दिया। इसीतरह यदि Hollywood पे Based Bollywood की इतनी बुराई कर दी जाए, कि Hollywood को भी लगे कि ये हिंदी फिल्म वाले हमसे चिड़ते हें, तो ये बेचारे हमारी फिल्मों को क्या चुराते होंगे..।”

 

फिर एक नई नवेली अभिनेत्री थीं, जिनसे मैंने Hollywood Bollywood विवाद के बारे में कुछ बात करने की ज़रूरत नहीं समझी थी, लेकिन फिर भी उन्होंने जबरदस्ती अपनी राय को मेरे पीछे लगा दिया.. उनकी राय मुझसे बोली.. कि देखिए, फिल्मी दुनिया में किसी चिड़ना, cool होने की निशानी है.. अगर आप Anurag हैं, और Amitabh से चिड़ते हैं, यानि आप Cool हैं, अगर आप Salman हैं, और Press से चिड़ते हैं, तो भी cool हैं.. अगर आप RamGopal Varma हैं, और Karan Johar से चिड़ते हैं, तो Super cool हैं, इसीलिए आपको अगर फिल्म Line में cool बनना है, तो Bollywood शब्द से बहुत बुरी तरह से चिड़ना होगा..

 

ये तर्क सुनकर मुझे भी Bollywood से बहुत चिड़ होने लगी, और जैसे ही मुझे चिड़ मची, तो मुझे अपने अंदर एक ठंडक का एहसास हुआ.. और ये Mumbai का मौसम बदलने के कारण नहीं था, मैं अचानक Cool हो रहा था.. ठंडा ठंडा cool cool.. 

तभी अचानक किसी ने पीछे से कहा – भाई साब ये Bollywood में एक बहुत ही धांसू Hero आया है..

मैंने उसे घूर के देखा, और कहा Bollywood..? तेरी…

 

RD Tailang

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